Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.72.3: व्यासजी बोले - कुन्तीनन्दन! जब यज्ञ का समय आएगा, तब मैं, पैल और याज्ञवल्क्य आकर तुम्हारे यज्ञ का सम्पूर्ण अनुष्ठान सम्पन्न कराएँगे; इसमें संशय नहीं है॥3॥ | mahabharat अध्याय 14.72: व्यासजीकी आज्ञासे अश्वकी रक्षाके लिये अर्जुनकी, राज्य और नगरकी रक्षाके लिये भीमसेन और नकुलकी तथा कुटुम्ब-पालनके लिये सहदेवकी नियुक्ति । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
व्यास उवाच
अहं पैलोऽथ कौन्तेय याज्ञवल्क्यस्तथैव च।
विधानं यद् यथाकालं तत् कर्तारो न संशय:॥ ३॥
अनुवाद
व्यासजी बोले - कुन्तीनन्दन! जब यज्ञ का समय आएगा, तब मैं, पैल और याज्ञवल्क्य आकर तुम्हारे यज्ञ का सम्पूर्ण अनुष्ठान सम्पन्न कराएँगे; इसमें संशय नहीं है॥3॥
Vyasji said – Kuntinandan! When the time of Yagya comes, I, Pail and Yajnavalkya will come and complete all the rituals of your Yagya; There is no doubt in it. 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥