Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.72.22: युधिष्ठिर ने कहा, "वीर अर्जुन! यहाँ आकर इस घोड़े की रक्षा करो, क्योंकि केवल तुम ही इसकी रक्षा करने में समर्थ हो। अन्य कोई भी व्यक्ति इसकी रक्षा करने में समर्थ नहीं है।" | mahabharat अध्याय 14.72: व्यासजीकी आज्ञासे अश्वकी रक्षाके लिये अर्जुनकी, राज्य और नगरकी रक्षाके लिये भीमसेन और नकुलकी तथा कुटुम्ब-पालनके लिये सहदेवकी नियुक्ति । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
युधिष्ठिर ने कहा, "वीर अर्जुन! यहाँ आकर इस घोड़े की रक्षा करो, क्योंकि केवल तुम ही इसकी रक्षा करने में समर्थ हो। अन्य कोई भी व्यक्ति इसकी रक्षा करने में समर्थ नहीं है।"
Yudhishthira said, "Valiant Arjuna! Come here and protect this horse because only you are capable of protecting it. No other person is capable of protecting it."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥