Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.72.19: प्रजानाथ! कुन्तीकुमार के पुत्र भीमसेन भी अत्यन्त तेजस्वी और पराक्रमी हैं। नकुल में भी वही गुण हैं। वे दोनों ही राज्य की रक्षा करने में पूर्णतः समर्थ हैं (अतः उन्हें ही राज्य का कार्य देखना चाहिए)॥19॥ | mahabharat अध्याय 14.72: व्यासजीकी आज्ञासे अश्वकी रक्षाके लिये अर्जुनकी, राज्य और नगरकी रक्षाके लिये भीमसेन और नकुलकी तथा कुटुम्ब-पालनके लिये सहदेवकी नियुक्ति । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रजानाथ! कुन्तीकुमार के पुत्र भीमसेन भी अत्यन्त तेजस्वी और पराक्रमी हैं। नकुल में भी वही गुण हैं। वे दोनों ही राज्य की रक्षा करने में पूर्णतः समर्थ हैं (अतः उन्हें ही राज्य का कार्य देखना चाहिए)॥19॥
‘Prajanaath! Kuntikumar's son Bhimsen is also extremely radiant and immensely valiant. Nakul also has the same qualities. Both of them are fully capable of protecting the kingdom (so they should look after the affairs of the kingdom).॥19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥