Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 14.69.21: मुझे स्मरण नहीं आता कि मैंने कभी अर्जुन का विरोध किया हो; इस सत्य के बल से यह मरा हुआ बालक अभी जीवित हो सकता है॥ 21॥   |   mahabharat अध्याय 14.69: उत्तराका विलाप और भगवान‍् श्रीकृष्णका उसके मृत बालकको जीवन-दान देना   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 69: उत्तराका विलाप और भगवान‍् श्रीकृष्णका उसके मृत बालकको जीवन-दान देना  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  14.69.21 
यथाहं नाभिजानामि विजये तु कदाचन।
विरोधं तेन सत्येन मृतो जीवत्वयं शिशु:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
मुझे स्मरण नहीं आता कि मैंने कभी अर्जुन का विरोध किया हो; इस सत्य के बल से यह मरा हुआ बालक अभी जीवित हो सकता है॥ 21॥
 
I do not remember having ever opposed Arjuna; by the power of this truth this dead boy may become alive right now.॥ 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)