Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 14.69.12: आर्या पांचाली (द्रौपदी) को देखो, अपनी तपस्वी दादी सुभद्रा की ओर देखो और अपनी माता को देखो जो शिकारी के बाणों से घायल हिरणी की भाँति अत्यन्त पीड़ा में है।   |   mahabharat अध्याय 14.69: उत्तराका विलाप और भगवान‍् श्रीकृष्णका उसके मृत बालकको जीवन-दान देना   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 69: उत्तराका विलाप और भगवान‍् श्रीकृष्णका उसके मृत बालकको जीवन-दान देना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  14.69.12 
आर्यां च पश्य पाञ्चालीं सात्वतीं च तपस्विनीम्।
मां च पश्य सुदु:खार्तां व्याधविद्धां मृगीमिव॥ १२॥
 
 
अनुवाद
आर्या पांचाली (द्रौपदी) को देखो, अपनी तपस्वी दादी सुभद्रा की ओर देखो और अपनी माता को देखो जो शिकारी के बाणों से घायल हिरणी की भाँति अत्यन्त पीड़ा में है।
 
Look at Arya Panchali (Draupadi), cast your glance at your ascetic grandmother Subhadra and look at your mother who is in great pain like a deer pierced by the arrows of a hunter.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)