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श्लोक 14.66.8  |
वसत्सु वृष्णिवीरेषु तत्राथ जनमेजय।
जज्ञे तव पिता राजन् परिक्षित् परवीरहा॥ ८॥ |
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| अनुवाद |
| जनमेजय! जिन वृष्णवीरों ने वहाँ निवास किया था, उन्हीं दिनों तुम्हारे पिता शत्रुवीरहन्त परीक्षित का जन्म हुआ था॥8॥ |
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| Janamejaya! It was during the time when those Vrishnaveers resided there that your father Shatruveerhanta Parikshit was born. 8॥ |
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