श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 66: श्रीकृष्णका हस्तिनापुरमें आगमन और उत्तराके मृत बालककोजिलानेके लियेकुन्तीकी उनसे प्रार्थना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  14.66.26 
तास्त्वां वयं प्रणम्येह याचामो मधुसूदन।
कुलस्यास्य हितार्थं तं कुरु कल्याणमुत्तमम्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
मधुसूदन! हम सब इस कुल के कल्याण के लिए आपके चरणों में प्रार्थना कर रहे हैं। इस बालक को पुनः जीवित करके कुरुकुल का कल्याण कीजिए।॥26॥
 
Madhusudana! We all are begging at your feet for the welfare of this clan. By bringing this boy back to life, please do the best for the Kuru clan.'॥ 26॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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