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श्री महाभारत
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पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व
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अध्याय 62: वसुदेव आदि यादवोंका अभिमन्युके निमित्त श्राद्ध करना तथा व्यासजीका उत्तरा और अर्जुनको समझाकर युधिष्ठिरको अश्वमेधयज्ञ करनेकी आज्ञा देना
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श्लोक 6
श्लोक
14.62.6
वासुदेवोऽथ दाशार्हो बलदेव: ससात्यकि:।
अभिमन्योस्तदा श्राद्धमकुर्वन् सत्यकस्तदा॥ ६॥
अनुवाद
उस समय भगवान श्रीकृष्ण, बलदेव, सात्यक और सात्यकि ने भी अभिमन्यु का श्राद्ध किया था। 6॥
Lord Shri Krishna, Baldev, Satyak and Satyaki also performed Shraddha of Abhimanyu at that time. 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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