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mahabharat 14.61.5: वसुदेव ने अपनी पुत्री सुभद्रा को भूमि पर लेटा हुआ देखा, उसे देखते ही वे भी शोक से मूर्छित होकर भूमि पर गिर पड़े॥5॥   |   mahabharat अध्याय 14.61: श्रीकृष्णका सुभद्राके कहनेसे वसुदेवजीको अभिमन्युवधका वृत्तान्त सुनाना   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 61: श्रीकृष्णका सुभद्राके कहनेसे वसुदेवजीको अभिमन्युवधका वृत्तान्त सुनाना  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  14.61.5 
तामपश्यन्निपतितां वसुदेव: क्षितौ तदा।
दृष्ट्वैव च पपातोर्व्यां सोऽपि दु:खेन मूर्च्छित:॥ ५॥
 
 
अनुवाद
वसुदेव ने अपनी पुत्री सुभद्रा को भूमि पर लेटा हुआ देखा, उसे देखते ही वे भी शोक से मूर्छित होकर भूमि पर गिर पड़े॥5॥
 
Vasudev saw his daughter Subhadra lying on the ground. As soon as he saw her, he too fainted out of grief and fell on the ground. ॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)