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mahabharat 14.61.35: "पुत्री! हे कमल के समान नेत्रों वाली! तुम महान क्षत्रियों के कुल में उत्पन्न हुई हो; अतः तुम अपने पुत्र के लिए व्याकुल नेत्रों से शोक न करो।   |   mahabharat अध्याय 14.61: श्रीकृष्णका सुभद्राके कहनेसे वसुदेवजीको अभिमन्युवधका वृत्तान्त सुनाना   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  14.61.35 
कुले महति जातासि क्षत्रियाणां महात्मनाम्।
मा शुचश्चपलाक्षं त्वं पद्मपत्रनिभेक्षणे॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
"पुत्री! हे कमल के समान नेत्रों वाली! तुम महान क्षत्रियों के कुल में उत्पन्न हुई हो; अतः तुम अपने पुत्र के लिए व्याकुल नेत्रों से शोक न करो।
 
“Daughter! O one with lotus-like eyes! You were born in a great family of great Kshatriyas; therefore, do not grieve for your son with restless eyes.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)