Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.61.10-12h: पुण्डरीकाक्ष! युद्ध में अभिमन्यु ने तुम्हें और अपनी माता सुभद्रा को क्या संदेश दिया था? मेरे प्रिय पौत्र ने, जिसके नेत्र चंचल थे, मरने से पहले मुझे क्या संदेश दिया था? क्या युद्ध में पीठ फेरने पर शत्रुओं ने उसे मार डाला था? गोविन्द! क्या युद्ध में भय के मारे उसने अपना मुख विकृत कर लिया था?॥10-11॥ | mahabharat अध्याय 14.61: श्रीकृष्णका सुभद्राके कहनेसे वसुदेवजीको अभिमन्युवधका वृत्तान्त सुनाना । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पुण्डरीकाक्ष! युद्ध में अभिमन्यु ने तुम्हें और अपनी माता सुभद्रा को क्या संदेश दिया था? मेरे प्रिय पौत्र ने, जिसके नेत्र चंचल थे, मरने से पहले मुझे क्या संदेश दिया था? क्या युद्ध में पीठ फेरने पर शत्रुओं ने उसे मार डाला था? गोविन्द! क्या युद्ध में भय के मारे उसने अपना मुख विकृत कर लिया था?॥10-11॥
Pundarikaksha! What message did Abhimanyu give to you and his mother Subhadra in the war? What message did my beloved grandson with the restless eyes give me before he died? Was he killed by the enemies after turning his back in the war? Govind! Did he distort his face out of fear in the war?॥ 10-11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥