श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 60: वसुदेवजीके पूछनेपर श्रीकृष्णका उन्हें महाभारत-युद्धका वृत्तान्त संक्षेपसे सुनाना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  14.60.4 
अन्येषां क्षत्रियाणां च कृतास्त्राणामनेकश:।
नानावेषाकृतिमतां नानादेशनिवासिनाम्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
भिन्न-भिन्न देशों में रहने वाले, भिन्न-भिन्न वेश-भूषा और आकृति वाले तथा शस्त्रविद्या में निपुण असंख्य क्षत्रिय योद्धा किस प्रकार युद्ध करते थे?॥4॥
 
How did the numerous Kshatriya warriors, who lived in different countries, had different attires and figures and were adept in the art of weapons, fight the war?॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)