Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 14.60.32: उस समय पांडवों के सभी पुत्र, मित्र और सैनिक मारे गए। केवल मैं और सात्यकि सहित पाँचों पांडव ही जीवित बचे।   |   mahabharat अध्याय 14.60: वसुदेवजीके पूछनेपर श्रीकृष्णका उन्हें महाभारत-युद्धका वृत्तान्त संक्षेपसे सुनाना   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 60: वसुदेवजीके पूछनेपर श्रीकृष्णका उन्हें महाभारत-युद्धका वृत्तान्त संक्षेपसे सुनाना  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  14.60.32 
हतपुत्रा हतबला हतमित्रा मया सह।
युयुधानसहायेन पञ्च शिष्टास्तु पाण्डवा:॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
उस समय पांडवों के सभी पुत्र, मित्र और सैनिक मारे गए। केवल मैं और सात्यकि सहित पाँचों पांडव ही जीवित बचे।
 
At that time all the sons, friends and soldiers of the Pandavas were killed. Only the five Pandavas along with me and Satyaki survived.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)