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mahabharat 14.60.22: कर्ण के मारे जाने के बाद कौरवों का मनोबल टूट गया और वे अपनी शक्ति खो बैठे। उन्होंने मद्रराज शल्य को अपना सेनापति बनाया और तीन अक्षौहिणी सेनाओं से उनकी रक्षा करते हुए युद्ध आरम्भ कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 14.60: वसुदेवजीके पूछनेपर श्रीकृष्णका उन्हें महाभारत-युद्धका वृत्तान्त संक्षेपसे सुनाना   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  14.60.22 
हते कर्णे तु कौरव्या निरुत्साहा हतौजस:।
अक्षौहिणीभिस्तिसृभिर्मद्रेशं पर्यवारयन्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
कर्ण के मारे जाने के बाद कौरवों का मनोबल टूट गया और वे अपनी शक्ति खो बैठे। उन्होंने मद्रराज शल्य को अपना सेनापति बनाया और तीन अक्षौहिणी सेनाओं से उनकी रक्षा करते हुए युद्ध आरम्भ कर दिया।
 
After Karna was killed, the Kauravas became demoralized and lost their power. They made Madra king Shalya their commander and protected him with three Akshauhini armies and started the war.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)