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श्री महाभारत
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पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व
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अध्याय 6: नारदजीकी आज्ञासे मरुत्तका उनकी बतायी हुई युक्तिके अनुसार संवर्तसे भेंट करना
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श्लोक 25
श्लोक
14.6.25
पृच्छेत् त्वां यदि केनाहं तवाख्यात इति स्म ह।
ब्रूयास्त्वं नारदेनेति संवर्त कथितोऽसि मे॥ २५॥
अनुवाद
यदि कोई तुमसे पूछे कि मेरा पता तुम्हें किसने बताया तो कहना - 'संवर्तजी, नारदजी ने मुझे तुम्हारा पता बताया है।'॥25॥
If someone asks you who told you my address then say - 'Samvartaji, Naradaji told me your address.'॥ 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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