श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 59: भगवान‍् श्रीकृष्णका द्वारकामें जाकर रैवतक पर्वतपर महोत्सवमें सम्मिलित होना और सबसे मिलना  »  श्लोक 16-17h
 
 
श्लोक  14.59.16-17h 
तत: सम्पूज्यमान: स विवेश भवनं शुभम्॥ १६॥
गोविन्द: सात्यकिश्चैव जगाम भवनं स्वकम्।
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् परम पूज्य भगवान श्रीकृष्ण ने अपने सुन्दर भवन में प्रवेश किया और सात्यकि भी अपने घर चले गए ॥16 1/2॥
 
Thereafter, most respected Lord Shri Krishna entered his beautiful house and Satyaki also went to his house. 16 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)