Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.57.23: यदि इन कुण्डलों को पृथ्वी पर रख दिया जाए, तो सर्प उन्हें छीन लेंगे। यदि कोई उन्हें अशुद्ध अवस्था में धारण करेगा, तो यक्ष उन्हें उड़ा ले जाएँगे और यदि कोई उन्हें पहनकर सो जाएगा, तो देवता उन्हें बलपूर्वक छीन लेंगे।॥23॥ | mahabharat अध्याय 14.57: उत्तंकका सौदाससे उनकी रानीके कुण्डल माँगना और सौदासके कहनेसे रानी मदयन्तीके पास जाना । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि इन कुण्डलों को पृथ्वी पर रख दिया जाए, तो सर्प उन्हें छीन लेंगे। यदि कोई उन्हें अशुद्ध अवस्था में धारण करेगा, तो यक्ष उन्हें उड़ा ले जाएँगे और यदि कोई उन्हें पहनकर सो जाएगा, तो देवता उन्हें बलपूर्वक छीन लेंगे।॥23॥
If these earrings are placed on the earth, the serpents will snatch them. If one wears them in an impure state, the Yaksh will fly them away and if one falls asleep wearing them, the gods will snatch them away by force.॥ 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥