श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 57: उत्तंकका सौदाससे उनकी रानीके कुण्डल माँगना और सौदासके कहनेसे रानी मदयन्तीके पास जाना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  14.57.20 
सौदासवचनं श्रुत्वा तत: सा पृथुलोचना।
प्रत्युवाच महाबुद्धिमुत्तङ्कं जनमेजय॥ २०॥
 
 
अनुवाद
जनमेजय! राजा सौदास का सन्देश सुनकर रानी विशालोचना ने बुद्धिमान् मुनि उत्तंक को इस प्रकार उत्तर दिया - 20॥
 
Janamejaya! Hearing the message of King Saudasa, Queen Vishalochana replied to the wise sage Uttanka thus: 20॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)