Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.57.11: सौदास ने कहा, "ब्राह्मण! यदि तुम्हारी गुरुदक्षिणा मेरे अधीन है, तो उसे प्राप्त ही समझो। यदि तुम मेरी किसी वस्तु को लेने योग्य समझते हो, तो बताओ, इस समय मैं तुम्हें क्या दूँ?॥ 11॥ | mahabharat अध्याय 14.57: उत्तंकका सौदाससे उनकी रानीके कुण्डल माँगना और सौदासके कहनेसे रानी मदयन्तीके पास जाना । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सौदास उवाच
यदि मत्तस्तवायत्तो गुर्वर्थ: कृत एव स:।
यदि चास्मि प्रतिग्राह्य: साम्प्रतं तद् वदस्व मे॥ ११॥
अनुवाद
सौदास ने कहा, "ब्राह्मण! यदि तुम्हारी गुरुदक्षिणा मेरे अधीन है, तो उसे प्राप्त ही समझो। यदि तुम मेरी किसी वस्तु को लेने योग्य समझते हो, तो बताओ, इस समय मैं तुम्हें क्या दूँ?॥ 11॥
Saudasa said, "Brahmin! If your Gurudakshina is under my control, then consider it as received. If you consider any of my things worthy of taking, then tell me, what should I give you at this time?॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥