Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.50.13-14h: यह निश्चित है कि मनुष्य जिन भौतिक पदार्थों का भोग कर सकता है, वे सभी सत्व कहलाते हैं और जैसे पदार्थ और विषय में सम्बन्ध है, वैसे ही इन दोनों में भी सम्बन्ध है। ॥13 1/2॥ | mahabharat अध्याय 14.50: सत्त्व और पुरुषकी भिन्नता, बुद्धिमान्की प्रशंसा, पञ्चभूतोंके गुणोंका विस्तार और परमात्माकी श्रेष्ठताका वर्णन । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
द्रव्यमात्रमभूत् सत्त्वं पुरुषस्येति निश्चय:॥ १३॥
यथा द्रव्यं च कर्ता च संयोगोऽप्यनयोस्तथा।
अनुवाद
यह निश्चित है कि मनुष्य जिन भौतिक पदार्थों का भोग कर सकता है, वे सभी सत्व कहलाते हैं और जैसे पदार्थ और विषय में सम्बन्ध है, वैसे ही इन दोनों में भी सम्बन्ध है। ॥13 1/2॥
It is certain that all material things which can be enjoyed by a person are known as Sattva and just as there is a relationship between the material and the subject, similarly there is a relationship between these two. ॥13 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥