श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 49: धर्मका निर्णय जाननेके लिये ऋषियोंका प्रश्न  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  14.49.11 
यज्ञमित्यपरे विप्रा: प्रदानमिति चापरे।
तपस्त्वन्ये प्रशंसन्ति स्वाध्यायमपरे जना:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
अन्य ब्राह्मण यज्ञ को श्रेष्ठ बताते हैं, अन्य दान को, अन्य तप को, अन्य स्वाध्याय को श्रेष्ठ बताते हैं॥11॥
 
Other brahmins praise sacrifice as the best and others praise charity. Many others praise austerity and others praise self-study.॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)