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यम: पितृॄृणामधिप: सरितामथ सागर:।
अम्भसां वरुणो राजा मरुतामिन्द्र उच्यते॥ ७॥
अनुवाद
यमराज पितरों, समुद्रों और नदियों के स्वामी हैं। वरुण को जल का और इंद्र को मरुतों का स्वामी कहा गया है।
Yamraj is the lord of the ancestors and the oceans and rivers. Varuna is said to be the lord of water and Indra is said to be the lord of the Maruts. 7.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥