Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 14.43.3-4h: बरगद, जामुन, पीपल, रेशमी कपास, शीशम, मेधासिंघी और होल बांस - ये इस संसार के वृक्षों के राजा हैं, इसमें कोई संदेह नहीं है।   |   mahabharat अध्याय 14.43: चराचर प्राणियोंके अधिपतियोंका, धर्म आदिके लक्षणोंका और विषयोंकी अनुभूतिके साधनोंका वर्णन तथा क्षेत्रज्ञकी विलक्षणता   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 43: चराचर प्राणियोंके अधिपतियोंका, धर्म आदिके लक्षणोंका और विषयोंकी अनुभूतिके साधनोंका वर्णन तथा क्षेत्रज्ञकी विलक्षणता  »  श्लोक 3-4h
 
 
श्लोक  14.43.3-4h 
न्यग्रोधो जम्बुवृक्षश्च पिप्पल: शाल्मलिस्तथा।
शिंशपा मेषशृङ्गश्च तथा कीचकवेणव:॥ ३॥
एते द्रुमाणां राजानो लोकेऽस्मिन् नात्र संशय:।
 
 
अनुवाद
बरगद, जामुन, पीपल, रेशमी कपास, शीशम, मेधासिंघी और होल बांस - ये इस संसार के वृक्षों के राजा हैं, इसमें कोई संदेह नहीं है।
 
The Banyan, the Jamun, the Peepal, the Silk Cotton, the Rose Wood, the Meshashri (Medhaasinghi) and the Hole Bamboo - these are the kings of trees in this world, no doubt about it. 3 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)