Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 14.43.1-2: ब्रह्माजी बोले - हे मुनियों! मनुष्यों का राजा रजोगुण से युक्त क्षत्रिय है। सवारी करने वालों में हाथी, वनवासियों में सिंह, पशुओं में भेड़, बिलों में सर्प, गौओं में बैल और स्त्रियों में पुरुष प्रधान है।॥1-2॥   |   mahabharat अध्याय 14.43: चराचर प्राणियोंके अधिपतियोंका, धर्म आदिके लक्षणोंका और विषयोंकी अनुभूतिके साधनोंका वर्णन तथा क्षेत्रज्ञकी विलक्षणता   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 43: चराचर प्राणियोंके अधिपतियोंका, धर्म आदिके लक्षणोंका और विषयोंकी अनुभूतिके साधनोंका वर्णन तथा क्षेत्रज्ञकी विलक्षणता  »  श्लोक 1-2
 
 
श्लोक  14.43.1-2 
ब्रह्मोवाच
मनुष्याणां तु राजन्य: क्षत्रियो मध्यमो गुण:।
कुञ्जरो वाहनानां च सिंहश्चारण्यवासिनाम्॥ १॥
अवि: पशूनां सर्वेषामहिस्तु बिलवासिनाम्।
गवां गोवृषभश्चैव स्त्रीणां पुरुष एव च॥ २॥
 
 
अनुवाद
ब्रह्माजी बोले - हे मुनियों! मनुष्यों का राजा रजोगुण से युक्त क्षत्रिय है। सवारी करने वालों में हाथी, वनवासियों में सिंह, पशुओं में भेड़, बिलों में सर्प, गौओं में बैल और स्त्रियों में पुरुष प्रधान है।॥1-2॥
 
Brahmaji said, "O sages! The king of men is the Kshatriya who is endowed with Rajoguna. The elephant is the chief among the ride-ons, the lion among the forest dwellers, the sheep among the animals, the snake among the burrow dwellers, the bull among the cows and the man among the women.॥ 1-2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)