Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.42.26-27h: सम्पूर्ण प्राणियों का रचयिता वर्तमान अध्यात्म है और वीर्य उसका अधिष्ठाता देवता कहा गया है तथा प्रजापति उसका अधिष्ठाता देवता कहा गया है । 26 1/2॥ | mahabharat अध्याय 14.42: अहंकारसे पञ्च महाभूतों और इन्द्रियोंकी सृष्टि, अध्यात्म, अधिभूत और अधिदैवतका वर्णन तथा निवृत्तिमार्गका उपदेश । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रजन: सर्वभूतानामुपस्थोऽध्यात्ममुच्यते॥ २६॥
अधिभूतं तथा शुक्रं दैवतं च प्रजापति:।
अनुवाद
सम्पूर्ण प्राणियों का रचयिता वर्तमान अध्यात्म है और वीर्य उसका अधिष्ठाता देवता कहा गया है तथा प्रजापति उसका अधिष्ठाता देवता कहा गया है । 26 1/2॥
The creator of all living beings is the present spirituality and semen is said to be its presiding deity and Prajapati is said to be its presiding deity. 26 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥