श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 42: अहंकारसे पञ्च महाभूतों और इन्द्रियोंकी सृष्टि, अध्यात्म, अधिभूत और अधिदैवतका वर्णन तथा निवृत्तिमार्गका उपदेश  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  14.42.23 
एषु पञ्चसु भूतेषु त्रिषु यश्च विधि: स्मृत:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
इन पाँच भूतों में तीन प्रकार के माने गए हैं - अध्यात्म, अधिभूत और अधिदैवर ॥23॥
 
Among these five ghosts, three types are considered as spirituality, Adhibhuta and Adhidaivara. 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)