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mahabharat 14.4.5: उनमें सबसे बड़े पुत्र का नाम विंश था, जो धनुर्धर योद्धाओं का आदर्श था। भारत विंश के शुभचिंतक पुत्र का नाम विविंश रखा गया। 5॥   |   mahabharat अध्याय 14.4: मरुत्तके पूर्वजोंका परिचय देते हुए व्यासजीके द्वारा उनके गुण, प्रभाव एवं यज्ञका दिग्दर्शन   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 4: मरुत्तके पूर्वजोंका परिचय देते हुए व्यासजीके द्वारा उनके गुण, प्रभाव एवं यज्ञका दिग्दर्शन  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  14.4.5 
तेषां ज्येष्ठस्तु विंशोऽभूत् प्रतिमानं धनुष्मताम्।
विंशस्य पुत्र: कल्याणो विविंशो नाम भारत॥ ५॥
 
 
अनुवाद
उनमें सबसे बड़े पुत्र का नाम विंश था, जो धनुर्धर योद्धाओं का आदर्श था। भारत विंश के शुभचिंतक पुत्र का नाम विविंश रखा गया। 5॥
 
Among them, the name of the eldest son was Vinsh, who was the ideal of archer warriors. India Vinsh's well-wishing son was named Vivinsh. 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)