श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 4: मरुत्तके पूर्वजोंका परिचय देते हुए व्यासजीके द्वारा उनके गुण, प्रभाव एवं यज्ञका दिग्दर्शन  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  14.4.13 
स पीडॺमानो बहुभि: क्षीणकोशाश्ववाहन:।
आर्तिमार्च्छत् परां राजा सह भृत्यै: पुरेण च॥ १३॥
 
 
अनुवाद
उसके राजकोष, घोड़े और अन्य वाहन नष्ट हो गए। बहुत से शत्रुओं ने एक साथ उस पर आक्रमण कर दिया और उसे कष्ट देने लगे। इससे राजा सुवर्चा, उसके सेवकों और नगरवासियों सहित महान संकट में पड़ गए॥13॥
 
His treasury and horses and other vehicles were destroyed. A large number of enemies attacked him together and started harassing him. Due to this, King Suvarcha along with his servants and the people of the city got into great trouble.॥13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)