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श्री महाभारत
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पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व
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अध्याय 39: सत्त्व आदि गुणोंका और प्रकृतिके नामोंका वर्णन
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श्लोक 15
श्लोक
14.39.15
प्राकाश्यं सत्त्वमादित्य: संतापो रजसो गुण:।
उपप्लवस्तु विज्ञेयस्तामसस्तस्य पर्वसुु॥ १५॥
अनुवाद
सूर्य का प्रकाश सत्वगुण का है, उसकी ऊष्मा रजोगुण की है और अमावस्या के दिन होने वाला ग्रहण तमोगुण का कार्य है ॥15॥
The Sun's light is of the Sattva Guna, its heat is of the Rajo Guna and the eclipse that occurs on the new-moon day is the work of the Tamo Guna. ॥15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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