Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.36.4-5: सत्व, रज और तम - ये तीनों गुण कहलाते हैं। ये एक-दूसरे के प्रतिद्वन्द्वी हैं, एक-दूसरे पर आश्रित हैं, एक-दूसरे के आश्रित हैं, एक-दूसरे के अनुयायी हैं और एक-दूसरे के साथ सामंजस्य से रहते हैं। पंच महाभूत त्रिगुणात्मक हैं। 4-5॥ | mahabharat अध्याय 14.36: ब्रह्माजीके द्वारा तमोगुणका, उसके कार्यका और फलका वर्णन । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सत्व, रज और तम - ये तीनों गुण कहलाते हैं। ये एक-दूसरे के प्रतिद्वन्द्वी हैं, एक-दूसरे पर आश्रित हैं, एक-दूसरे के आश्रित हैं, एक-दूसरे के अनुयायी हैं और एक-दूसरे के साथ सामंजस्य से रहते हैं। पंच महाभूत त्रिगुणात्मक हैं। 4-5॥
Sattva, Raja and Tama – these three are called Gunas. They are rivals of each other, dependent on each other, dependent on each other, follow each other and live in harmony with each other. The five Mahabhutas are triple in nature. 4-5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥