Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.36.26: इसके बाद मैं वर्णन करूँगा कि उन तामसी योनियों में गए हुए प्राणी किस प्रकार उन्नत और समृद्ध होते हैं तथा किस प्रकार वे शुभ कर्मों द्वारा उत्तम लोकों को प्राप्त होते हैं ॥26॥ | mahabharat अध्याय 14.36: ब्रह्माजीके द्वारा तमोगुणका, उसके कार्यका और फलका वर्णन । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तेषामुत्कर्षमुद्रेकं वक्ष्याम्यहमत: परम्।
यथा ते सुकृताँल्लोकाँल्लभन्ते पुण्यकर्मिण:॥ २६॥
अनुवाद
इसके बाद मैं वर्णन करूँगा कि उन तामसी योनियों में गए हुए प्राणी किस प्रकार उन्नत और समृद्ध होते हैं तथा किस प्रकार वे शुभ कर्मों द्वारा उत्तम लोकों को प्राप्त होते हैं ॥26॥
After this, I will describe how the beings who have gone to those Tamasic species are uplifted and prosperous and how they reach the best worlds by doing good deeds. 26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥