Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.36.23-25: जड़ जीव (वृक्ष, पर्वत आदि), पशु, वाहन, राक्षस, सर्प, कीट, पक्षी, अण्डे देने वाले जीव, चौपाये, पागल, बहरे, गूंगे तथा पापजन्य रोगों (कुष्ठ आदि) से ग्रस्त अन्य सभी मनुष्य, सभी तमोगुण में लीन रहते हैं। ये दुष्ट जीव, अपने-अपने कर्मों के अनुसार स्वभाव वाले होकर, सदैव दुःख में ही डूबे रहते हैं। इनकी मनःस्थिति का प्रवाह निम्नतर गति की ओर होता है, इसलिए इन्हें अर्वाक स्रोत कहते हैं। वे सभी प्राणी जो तमोगुण में लीन हैं, तामसी हैं। 23-25॥ | mahabharat अध्याय 14.36: ब्रह्माजीके द्वारा तमोगुणका, उसके कार्यका और फलका वर्णन । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जड़ जीव (वृक्ष, पर्वत आदि), पशु, वाहन, राक्षस, सर्प, कीट, पक्षी, अण्डे देने वाले जीव, चौपाये, पागल, बहरे, गूंगे तथा पापजन्य रोगों (कुष्ठ आदि) से ग्रस्त अन्य सभी मनुष्य, सभी तमोगुण में लीन रहते हैं। ये दुष्ट जीव, अपने-अपने कर्मों के अनुसार स्वभाव वाले होकर, सदैव दुःख में ही डूबे रहते हैं। इनकी मनःस्थिति का प्रवाह निम्नतर गति की ओर होता है, इसलिए इन्हें अर्वाक स्रोत कहते हैं। वे सभी प्राणी जो तमोगुण में लीन हैं, तामसी हैं। 23-25॥
Fixed creatures (trees, mountains, etc.), animals, vehicles, demons, snakes, insects, birds, egg-laying creatures, quadrupeds, madmen, deaf, dumb and all other human beings suffering from sinful diseases (leprosy, etc.) are all immersed in Tamo Guna. These evil creatures, having characteristics according to their deeds, always remain immersed in sorrow. The flow of their mental states is towards the lower state, hence they are called Arvaak sources. All those beings who are immersed in the mode of ignorance are Tamasi. 23-25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥