श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 35: श्रीकृष्णके द्वारा अर्जुनसे मोक्ष-धर्मका वर्णन—गुरु और शिष्यके संवादमें ब्रह्मा और महर्षियोंके प्रश्नोत्तर  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  14.35.46 
अतस्तत्त्वानि वक्ष्यामि याथातथ्येन हेतुना।
विषयस्थानि सर्वाणि वर्तमानानि भागश:॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
अब मैं वस्तुओं में स्थित सम्पूर्ण तत्त्वों का उचित तर्क से क्रमबद्ध वर्णन करूँगा ॥ 46॥
 
I shall now describe with the right logic the complete elements that are present in objects in a systematic manner. ॥ 46॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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