Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.35.32: ब्रह्माजी बोले - उत्तम व्रत का पालन करने वाले महर्षियों! यह जान लो कि जीव सत्यस्वरूप परमेश्वर से उत्पन्न होते हैं और तपरूपी कर्मों द्वारा अपना जीवन निर्वाह करते हैं। वे अपने कारण ब्रह्म को भूलकर कर्मानुसार आवागमन के चक्र में घूमते रहते हैं। 32॥ | mahabharat अध्याय 14.35: श्रीकृष्णके द्वारा अर्जुनसे मोक्ष-धर्मका वर्णन—गुरु और शिष्यके संवादमें ब्रह्मा और महर्षियोंके प्रश्नोत्तर । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्रह्माजी बोले - उत्तम व्रत का पालन करने वाले महर्षियों! यह जान लो कि जीव सत्यस्वरूप परमेश्वर से उत्पन्न होते हैं और तपरूपी कर्मों द्वारा अपना जीवन निर्वाह करते हैं। वे अपने कारण ब्रह्म को भूलकर कर्मानुसार आवागमन के चक्र में घूमते रहते हैं। 32॥
Brahmaji said – Maharshi who observe the best fast! Know that living beings are born from God in the form of truth and live their life through deeds in the form of penance. Forgetting Brahma as their cause, they rotate in the cycle of to and fro according to their actions. 32॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥