Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.35.23-24: हे महाज्ञानी! अब मैं तुमसे उस परम सनातन ज्ञान का वर्णन करूँगा, जिसमें भूत, वर्तमान और भविष्य का स्वरूप तथा धर्म, अर्थ और काम का निश्चय किया गया है, जो सिद्धों के समूह द्वारा भलीभाँति जाना गया है, जो पूर्वकाल में निश्चित किया गया था और जिसे जानकर ज्ञानी पुरुष सिद्ध हो जाते हैं॥ 23-24॥ | mahabharat अध्याय 14.35: श्रीकृष्णके द्वारा अर्जुनसे मोक्ष-धर्मका वर्णन—गुरु और शिष्यके संवादमें ब्रह्मा और महर्षियोंके प्रश्नोत्तर । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे महाज्ञानी! अब मैं तुमसे उस परम सनातन ज्ञान का वर्णन करूँगा, जिसमें भूत, वर्तमान और भविष्य का स्वरूप तथा धर्म, अर्थ और काम का निश्चय किया गया है, जो सिद्धों के समूह द्वारा भलीभाँति जाना गया है, जो पूर्वकाल में निश्चित किया गया था और जिसे जानकर ज्ञानी पुरुष सिद्ध हो जाते हैं॥ 23-24॥
O great wise one! I shall now describe to you that supreme eternal knowledge in which the nature of the past, present and future, as well as Dharma, Artha and Kama have been determined, which has been well known by the group of Siddhas, which was decided in the past and by knowing which the wise men become Siddhas.॥ 23-24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥