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श्लोक 14.32.4  |
सोऽन्यस्य विषये राज्ञो वस्तुमिच्छाम्यहं विभो।
वचस्ते कर्तुमिच्छामि यथाशास्त्रं महीपते॥ ४॥ |
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| अनुवाद |
| हे पराक्रमी राजा! यह जानकर मैं दूसरे राजा के राज्य में निवास करके शास्त्रानुसार आपकी आज्ञा का पालन करना चाहता हूँ।॥4॥ |
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| O powerful king! Having come to know of this, I wish to reside in the kingdom of another king and obey your orders in accordance with the scriptures.'॥ 4॥ |
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