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श्लोक 14.31.4  |
अत्र गाथा: कीर्तयन्ति पुराकल्पविदो जना:।
अम्बरीषेण या गीता राज्ञा पूर्वं प्रशाम्यता॥ ४॥ |
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| अनुवाद |
| भूतकाल को जाननेवाले लोग इस प्रसंग में एक कथा कहते हैं। किसी समय शांतिप्रिय राजा अम्बरीष ने यह कथा कही थी॥4॥ |
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| People having knowledge of the past narrate a tale in this context. Once upon a time, the peace-loving king Ambrish had sung this tale.॥ 4॥ |
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