Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.30.18: अलर्क बोला - यह कान बार-बार नाना प्रकार की ध्वनियाँ सुनता है और उन्हीं की इच्छा करता है, इसलिए मैं इस श्रवणेन्द्रिय पर तीक्ष्ण बाण चलाऊँगा। | mahabharat अध्याय 14.30: अलर्कके ध्यानयोगका उदाहरण देकर पितामहोंका परशुरामजीको समझाना और परशुरामजीका तपस्याके द्वारा सिद्धि प्राप्त करना । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अलर्क बोला - यह कान बार-बार नाना प्रकार की ध्वनियाँ सुनता है और उन्हीं की इच्छा करता है, इसलिए मैं इस श्रवणेन्द्रिय पर तीक्ष्ण बाण चलाऊँगा।
Alarka said - This ear repeatedly hears various kinds of sounds and desires the same. Therefore I will shoot these sharp arrows at the sense of hearing.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥