श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 29: परशुरामजीके द्वारा क्षत्रिय-कुलका संहार  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  14.29.2 
कार्तवीर्यार्जुनो नाम राजा बाहुसहस्रवान्।
येन सागरपर्यन्ता धनुषा निर्जिता मही॥ २॥
 
 
अनुवाद
प्राचीन काल में कार्तवीर्य अर्जुन नाम से प्रसिद्ध एक राजा हुए थे, जिनके एक हजार भुजाएँ थीं। उन्होंने केवल धनुष-बाण से ही समुद्र पर्यन्त पृथ्वी पर अधिकार कर लिया था॥2॥
 
In ancient times there was a king known as Kartavirya Arjuna who had a thousand arms. With the help of only his bow and arrow he had captured the earth up to the sea.॥2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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