श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 29: परशुरामजीके द्वारा क्षत्रिय-कुलका संहार  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  14.29.1 
ब्राह्मण उवाच
अत्राप्युदाहरन्तीममितिहासं पुरातनम्।
कार्तवीर्यस्य संवादं समुद्रस्य च भाविनि॥ १॥
 
 
अनुवाद
ब्राह्मण ने कहा - भामिनी ! इस विषय में भी कार्तवीर्य और समुद्र के संवाद रूपी प्राचीन इतिहास का उदाहरण दिया जाता है ॥1॥
 
The Brahmin said – Bhamini! In this matter also, an example of an ancient history in the form of dialogue between Kartavirya and Samudra is given. 1॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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