vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व
»
अध्याय 24: देवर्षि नारद और देवमतका संवाद एवं उदानके उत्कृष्ट रूपका वर्णन
»
श्लोक 9
श्लोक
14.24.9
प्राणापानाविदं द्वन्द्वमवाक् चोर्ध्वं च गच्छत:।
व्यान: समानश्चैवोभौ तिर्यग् द्वन्द्वत्वमुच्यते॥ ९॥
अनुवाद
प्राण और अपान-ये दोनों भी द्वैत हैं। ये नीचे और ऊपर की ओर जाते हैं। व्यान और समान-ये दोनों मध्यवर्ती द्वैत कहलाते हैं॥9॥
Prana and Apana-these two are also dualities. They go downwards and upwards. Vyana and Samana-these two are called intermediate dualities.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×