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श्री महाभारत
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पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व
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अध्याय 24: देवर्षि नारद और देवमतका संवाद एवं उदानके उत्कृष्ट रूपका वर्णन
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श्लोक 1
श्लोक
14.24.1
ब्राह्मण उवाच
अत्राप्युदाहरन्तीममितिहासं पुरातनम्।
नारदस्य च संवादमृषेर्देवमतस्य च॥ १॥
अनुवाद
ब्राह्मण ने कहा- प्रिये! इस विषय में देवर्षि नारद और देवमत के संवाद रूपी प्राचीन इतिहास का उदाहरण देते हैं॥1॥
The Brahmin said-Dear! In this matter, Devarshi gives the example of ancient history in the form of dialogue between Narad and Devmat. 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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