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mahabharat 14.21.11: किस ज्ञान के प्रभाव से बुद्धि मन के अधीन हो जाती है? ऊँचे उठने पर भी वह विषयों की ओर क्यों नहीं जाती? कौन उसके मार्ग में बाधा डालता है?॥11॥   |   mahabharat अध्याय 14.21: दस होताओंसे सम्पन्न होनेवाले यज्ञका वर्णन तथा मन और वाणीकी श्रेष्ठताका प्रतिपादन   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 21: दस होताओंसे सम्पन्न होनेवाले यज्ञका वर्णन तथा मन और वाणीकी श्रेष्ठताका प्रतिपादन  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  14.21.11 
केन विज्ञानयोगेन मतिश्चित्तं समास्थिता।
समुन्नीता नाध्यगच्छत् को वै तां प्रतिबाधते॥ ११॥
 
 
अनुवाद
किस ज्ञान के प्रभाव से बुद्धि मन के अधीन हो जाती है? ऊँचे उठने पर भी वह विषयों की ओर क्यों नहीं जाती? कौन उसके मार्ग में बाधा डालता है?॥11॥
 
Due to the influence of which knowledge does the intellect become dependent on the mind? Why does it not go towards the objects when it is raised high? Who obstructs its path?॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)