Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.18.5: जीव पहले पुरुष के वीर्य में प्रवेश करता है, फिर स्त्री के गर्भाशय में जाकर उसके वीर्य से मिल जाता है। तत्पश्चात् उसे अपने कर्मानुसार शुभ या अशुभ शरीर प्राप्त होता है। 5॥ | mahabharat अध्याय 14.18: जीवके गर्भ-प्रवेश,आचार-धर्म, कर्म-फलकी अनिवार्यता तथा संसारसे तरनेके उपायका वर्णन । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शुक्रं शोणितसंसृष्टं स्त्रिया गर्भाशयं गतम्।
क्षेत्रं कर्मजमाप्नोति शुभं वा यदि वाशुभम्॥ ५॥
अनुवाद
जीव पहले पुरुष के वीर्य में प्रवेश करता है, फिर स्त्री के गर्भाशय में जाकर उसके वीर्य से मिल जाता है। तत्पश्चात् उसे अपने कर्मानुसार शुभ या अशुभ शरीर प्राप्त होता है। 5॥
The organism first enters the man's semen, then goes into the woman's uterus and mixes with her semen. After that he gets an auspicious or inauspicious body according to his karma. 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥