श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 18: जीवके गर्भ-प्रवेश,आचार-धर्म, कर्म-फलकी अनिवार्यता तथा संसारसे तरनेके उपायका वर्णन  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  14.18.28 
असृजत् सर्वभूतानि पूर्वदृष्ट: प्रजापति:।
स्थावराणि च भूतानि इत्येषा पौर्विकी श्रुति:॥ २८॥
 
 
अनुवाद
श्रुति में सृष्टि के आदि में जो सत्यस्वरूप बताया गया है, उस प्रजापति ने स्थावर और जंगम समस्त प्राणियों की रचना की है, यही प्राचीन श्रुति है ॥28॥
 
In the Shruti, which has been mentioned as the true form in the beginning of the creation, that Prajapati has created all the immovable beings and movable creatures, this is the ancient Shruti. 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)