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mahabharat 14.18.12: मनुष्य जो भी अच्छे या बुरे कर्म करता है, उसे पूर्वजन्म में किए गए उन कर्मों का फल अवश्य भोगना पड़ता है ॥12॥   |   mahabharat अध्याय 14.18: जीवके गर्भ-प्रवेश,आचार-धर्म, कर्म-फलकी अनिवार्यता तथा संसारसे तरनेके उपायका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  14.18.12 
यद् यच्च कुरुते कर्म शुभं वा यदि वाशुभम्।
पूर्वदेहकृतं सर्वमवश्यमुपभुज्यते॥ १२॥
 
 
अनुवाद
मनुष्य जो भी अच्छे या बुरे कर्म करता है, उसे पूर्वजन्म में किए गए उन कर्मों का फल अवश्य भोगना पड़ता है ॥12॥
 
Whatever good or bad deeds a man does, he has to suffer the consequences of those deeds done in his previous life. ॥12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)