Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 14.16.44: मैं तुम्हारे आने का प्रयोजन जानता हूँ और शीघ्र ही यहाँ से चला जाऊँगा। इसीलिए मैंने स्वयं तुम्हें यह प्रश्न पूछने के लिए प्रेरित किया है ॥44॥   |   mahabharat अध्याय 14.16: अर्जुनका श्रीकृष्णसे गीताका विषय पूछना और श्रीकृष्णका अर्जुनसे सिद्ध, महर्षि एवं काश्यपका संवाद सुनाना   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 16: अर्जुनका श्रीकृष्णसे गीताका विषय पूछना और श्रीकृष्णका अर्जुनसे सिद्ध, महर्षि एवं काश्यपका संवाद सुनाना  »  श्लोक 44
 
 
श्लोक  14.16.44 
अभिजाने च तदहं यदर्थं मामुपागत:।
अचिरात् तु गमिष्यामि तेनाहं त्वामचूचुदम्॥ ४४॥
 
 
अनुवाद
मैं तुम्हारे आने का प्रयोजन जानता हूँ और शीघ्र ही यहाँ से चला जाऊँगा। इसीलिए मैंने स्वयं तुम्हें यह प्रश्न पूछने के लिए प्रेरित किया है ॥44॥
 
I know the purpose of your visit and will soon leave from here. That is why I myself have prompted you to ask this question. ॥ 44॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)