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श्लोक  14.16.33 
मातरो विविधा दृष्टा: पितरश्च पृथग्विधा:।
सुखानि च विचित्राणि दु:खानि च मयानघ॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
अनघा! मैंने कई पिता और कई माताएँ देखी हैं। मैंने कई तरह के सुख और दुःख देखे हैं।
 
Anagha! I have seen many fathers and many mothers. I have experienced many different joys and sorrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)