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mahabharat 14.12.13: हे भारत भूषण! अतः तुम्हें उस युद्ध के लिए तैयार हो जाना चाहिए। अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए तथा योग द्वारा मन को वश में करके माया से परे परम ब्रह्म को प्राप्त करना चाहिए। ॥13॥   |   mahabharat अध्याय 14.12: भगवान‍् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको मनपर विजय करनेके लिये आदेश   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 12: भगवान‍् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको मनपर विजय करनेके लिये आदेश  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  14.12.13 
तस्मादभ्युपगन्तव्यं युद्धाय भरतर्षभ।
परमव्यक्तरूपस्य पारं युक्त्या स्वकर्मभि:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
हे भारत भूषण! अतः तुम्हें उस युद्ध के लिए तैयार हो जाना चाहिए। अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए तथा योग द्वारा मन को वश में करके माया से परे परम ब्रह्म को प्राप्त करना चाहिए। ॥13॥
 
O Bharat Bhushan! Therefore, you should prepare yourself for that war. By performing your duties and controlling your mind through Yoga, you should achieve the Supreme Brahman beyond Maya. ॥13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)