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mahabharat 14.12.1: भगवान श्रीकृष्ण ने कहा- कुन्ती नन्दन! दो प्रकार के रोग उत्पन्न होते हैं- एक शारीरिक और दूसरा मानसिक। ये दोनों एक-दूसरे के सहयोग से उत्पन्न होते हैं। दोनों के परस्पर सहयोग के बिना इनकी उत्पत्ति संभव नहीं है॥1॥   |   mahabharat अध्याय 14.12: भगवान‍् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको मनपर विजय करनेके लिये आदेश   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 12: भगवान‍् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको मनपर विजय करनेके लिये आदेश  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  14.12.1 
वासुदेव उवाच
द्विविधो जायते व्याधि: शारीरो मानसस्तथा।
परस्परं तयोर्जन्म निर्द्वन्द्वं नोपपद्यते॥ १॥
 
 
अनुवाद
भगवान श्रीकृष्ण ने कहा- कुन्ती नन्दन! दो प्रकार के रोग उत्पन्न होते हैं- एक शारीरिक और दूसरा मानसिक। ये दोनों एक-दूसरे के सहयोग से उत्पन्न होते हैं। दोनों के परस्पर सहयोग के बिना इनकी उत्पत्ति संभव नहीं है॥1॥
 
Lord Krishna said- Kunti Nandan! Two types of diseases arise- one is physical and the other is mental. Both of these are born with the cooperation of each other. Their origin is not possible without the mutual cooperation of both.॥1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)